Poetry

खुश हूँ मैं बहुत

खुश हूँ मैं बहुत

खुश हूँ मैं बहुत

तेरे जाने के बाद
खुश हूँ मैं बहुत
तेरे जाने के बाद
बस कभी कभी आँख से
आँसु आ जाते हैं,,,

खुश हूँ मैं बहुत
तेरे जाने के बाद
बस तुझसे जुड़े वो लम्हें
याद आ जाते हैं,,,

पागल हूँ मैं
ये बात जानता हूँ
पर पागल भी तो
सिर्फ तेरे लिए,,,
बेवजह ही कुछ
ज्यादा मांग बैठा था
की तेरी हर धड़कन हो
सिर्फ मेरे लिए,,,

खुश हूँ मैं बहुत
तेरे जाने के बाद
बस तुझसे बात करने को
मेरा दिल मचलता है,,,
खुश हूँ मैं बहुत
तेरे जाने के बाद
बस तुझे आग़ोश में लेने को
मेरा दिल करता है,,,

गलती तेरी तो नहीं थी
तेरे जाने के पीछे
शायद वो
हालात ही ऐसे थे,,,
गलती मेरी भी नहीं थी शायद
तेरे जाने के पीछे
पर तुझसे जुड़े मेरे
ज़ज़्बात ही ऐसे थे,,,

पर खुश हूँ मैं बहुत
तेरे जाने के बाद
तुझे तो मुझसे
बेहतर ही मिला होगा,,,
खुश हूँ मैं बहुत
तेरे जाने के बाद
तेरे दिल में ज़रूर
फिर चमन खिला होगा,,,

ना ज़िन्दगी हमें मिलाती
तो मैं जान ही नहीं पाता
मोहब्बत के इस नाम को,,,
जो तू मुझे छोड़कर ना जाती
तो मैं पी ही नहीं पाता
दर्द के इस जाम को,,,

पर फिर खुश हूँ मैं बहुत
तेरे जाने के बाद
की मेरी दुनिया तू है
पर मेरी दुनिया में तू नहीं,,,
खुश हूँ मैं बहुत
तेरे जाने के बाद
की तू खुश है अपनी दुनिया में
और तेरी उस दुनिया में मैं नहीं,,,
तू खुश है अपनी दुनिया में
और तेरी उस दुनिया में मैं नहीं,,,!!!

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