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How To Improve Immunity System ( शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत कैसे करे ? )

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शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity System) मजबूत कैसे करे ?

हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity System) हमें कई बीमारियों के जीवाणुओं व विषाणुओं को हमारे शरीर पर आक्रमण करने से रोकती है। यदि हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी कि इम्यून सिस्टम कमजोर होता है तो छोटी मोटी बीमारियां भी हमारे शरीर को तुरन्त जकड़ लेती हैं। जिससे हमारा शरीर बहुत कमजोर हो जाता है और हम जल्दी से जल्दी बीमार पड़ने लग जाते हैं। क्योंकि हमारा इम्यून सिस्टम कमजोर होते ही हमारे शरीर पर कई तरह के बैक्टीरियल, फंगल, वाइरल संक्रमण असर करने लगते हैं इसलिए बेहद जरूरी है कि हमारा इम्यून सिस्टम मजबूत हो।

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वैसे तो रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity System) के कमजोर होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे खान पान की लापरवाही, नशे की गलत आदत, जन्मजात कमजोरी, बिगड़ी हुई दिनचर्या तो वहीं रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने के कई घरेलू नुस्खे भी हैं जो बहुत लाभदायक सिद्ध होते हैं। तो आइए विस्तारपूर्वक जानते हैं इसके बारे में।

रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity System)को मजबूत बनाने के घरेलू उपाय –
ग्रीन टी और ब्लैक टी :

ग्रीन टी और ब्लैक टी दोनों ही हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए लाभदायक होती हैं परन्तु दिन में एक से दो कप से ज्यादा पीने से यह नुकसानदेह भी सिद्ध हो सकती हैं।

लहसुन :

कच्चे लहसुन का सेवन भी रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए लाभकारी सिद्ध होता है क्योंकि इसमें प्रचुर मात्रा में जिंक, सल्फर, सेलेनियम, विटामिन ई व ए और एलिसिन पाया जाता है।

दही :

दही का सेवन भी इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है साथ ही पाचन तन्त्र भी बेहतर रहता है।

पानी :
अंकुरित अनाज :

शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखने के लिए अंकुरित अनाज जैसे मूंग, मोठ, चना आदि का सेवन करना बेस्ट तरीका है। क्योंकि अंकुरित अनाज में पोषक तत्व अधिक मात्रा में पाए जाते हैं।

सलाद :

जितना हो सके हमें भोजन के साथ सलाद का अधिक से अधिक सेवन करना चाहिए जैसे ककड़ी, टमाटर, मूली, गाजर, प्याज, चुकंदर इत्यादि। सलाद के सेवन से भोजन का पाचन पूर्ण रुप से होता है।

तुलसी :

तुलसी का हमारे जीवन में धार्मिक महत्व तो है ही इसके साथ ही तुलसी में बहुत से एंटीबायोटिक, दर्द निवारक गुण पाए जाते हैं जो हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सहायक होते हैं इसलिए रोज सुबह हमें तुलसी के 3 से 5 पत्तों का सेवन जरुर करना चाहिए।

योग व प्राणायाम :

योग व प्राणायाम भी हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाकर हमारे शरीर को स्वस्थ व रोगमुक्त रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

पर्याप्त नींद :

हमारे शरीर व मस्तिष्क को बेहतर ढंग से काम करने के लिए प्रतिदिन 6 से 8 घंटे नींद लेना बहुत जरुरी है। स्लीप स्टडी के जर्नल सेमिनार्स के क्लीनिकल न्यूरो साइकैट्रिस्ट के लेखकों के अनुसार यदि हम पर्याप्त नींद नहीं लेते तो हमारे इम्यून सिस्टम को रिलैक्स व पुर्ननिर्माण का समय नहीं मिल पाता जो कि हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए हानिकारक सिद्ध होता है।

सूखे मेवे :

हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखने के लिए विटामिन भी बेहद जरूरी है। सूखे मेवे में विटामिन ए भरपूर मात्रा में पाया जाता है, इसके साथ ही इसमें आयरन, प्रोटीन, विभिन्न प्रकार के मिनिरल्स, फाइबर व जिंक और मैग्नीशियम भी प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं जो हमारे शरीर में होने वाली लाल रक्त कोशिकाओं की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं साथ ही शरीर में नैचुरल किलर सेल्स को बढ़ाते हैं।

हल्दी :

प्राचीन समय से ही हल्दी को बेहतर औषधि के रुप में प्रयोग किया जा रहा है। हल्दी एंटीआक्सीडेंट गुणों से भरपूर होने के कारण ही इम्यून सिस्टम का बूस्टर कहलाई जाती है। हल्दी में मौजूद गुण कैंसर से लेकर अल्जाइमर तक जैसी खतरनाक बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं। इसके साथ ही हल्दी में मौजूद करक्यूमिन तत्व शरीर में शुगर स्तर को नियंत्रित करता है।

च्यवन्प्राश :

आयुर्वेद विज्ञान के अनुसार शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के लिए च्यवन्प्राश का सेवन करना उचित है। इसके सेवन से स्ट्रेस कम होता है, शारीरिक कमजोरी दूर होती है। इसके अलावा भूख न लगना जैसी कई छोटी मोटी बीमारियों से भी निजात मिलती है।

मशरुम :

मशरूम में सेलेनियम, विटामिन बी, राइबोफ्लेविन, नाइसिन व अन्य मिनिरल्स तथा एंटीआक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं जो कि हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में सुचारू रुप से काम करते हैं।

कैसे पहचानें कि आपका इम्यून सिस्टम कमजोर तो नहीं ?

बार – बार एलर्जिक या बीमार होना :
यदि आप अन्य लोगों की अपेक्षा बार – बार और जल्द ही बीमार हो जाते हैं या जुकाम, बुखार, खांसी, गला खराब या स्किन एलर्जी जैसी बीमारियां लगी रहती हों तो यह एक कारण है कि आपका इम्यून सिस्टम कमजोर है।
* शरीर में चर्बी का अनावश्यक रुप से जमा होना :
यदि हमारे शरीर के बाह्य व आन्तरिक अंगों की चर्बी अनावश्यक बढ़ रही है तेजी से हमारे शरीर का वजन बढ़ रहा है तो यह संकेत है कि हमारा इम्यून सिस्टम वीक हो सकता है।
वजन बहुत कम होना :
यदि आपका वजन आपकी आयु व लम्बाई के हिसाब से जितना होना चाहिए, नहीं है और उससे बहुत कम है तो आपका इम्यून सिस्टम कमजोर है इसमें कोई दो राय नहीं है।

क्यों होती है रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity System) कमजोर ?

शारीरिक पोषण में कमी का होना।
* काफी लम्बे समय से तनाव ग्रस्त रहना।
शारीरिक श्रम का अभाव होना।
* कम नींद लेने के कारण।
फास्ट फूड, जंक फूड आदि का अत्यधिक सेवन करना।
* पेनकिलर, एंटीबायोटिक आदि दवाओं का लम्बे समय तक सेवन करना।
धूम्रपान, ड्रग, शराब आदि का सेवन करने से।
* काफी लम्बे समय से प्रदूषित वातावरण में रहने के कारण।

बाल्यावस्था व वृद्धावस्था में रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना सामान्य है परन्तु खराब जीवनशैली के कारण युवावस्था में भी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है।
ज्यादा चीनी खाने से शारीरिक रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है।
अमेरिकन जर्नल ऑफ क्लीनिकल न्यूट्रीशन में आए एक शोध के मुताबिक यदि आप एक दिन में सौ ग्राम से अधिक चीनी का सेवन करते हैं तो आपके शरीर में उपस्थित श्वेत रुधिर कोशिकाओं की रोगाणुओं को मारने की क्षमता पांच घंटे तक के लिए कमजोर पड़ जाती है।

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