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Air Pollution se bachne ke upaay

air pollution

वायु प्रदूषण (Air Pollution) आपके दिल की सेहत के लिए किस हद तक है खतरनाक?

वायु प्रदूषण का जिक्र जब भी होता है तो दुनियाभर के अनेक शहरों में दिल्ली का नाम पहले नंबर पर आता है. वही वायु प्रदूषण के मामले में पाकिस्तान का शहर लाहोर भी उन शहरो सबसे ज्यादा प्रदूषण वाले शहरो में शामिल है. आप जानते हैं की प्रदूषण हमारे लिए बहुत सी प्रॉब्लम को बढ़ावा देता है, हमारे स्वास्थ्य के लिए प्रदूषण बहुत ज्यादा खतरनाक है. इसकी वजह से मानव शरीर को अनेक तरह की बिमारियों का सामना करना पड़ता है. एक सर्वे में पाया गया है की जहाँ सबसे ज्यादा प्रदूषण था उस शहर उस देश में मृत लोगों की संख्या में काफी इजाफा हुआ एंव उनके स्वास्थ्य बिगड़ने की वजह प्रदूषण बताया गया. ऐसे में डॉक्टर भी वायु प्रदूषण से होने वाले अनेक दुष्प्रभावों के बारें में हमे बताते हैं. आज इस आर्टिकल में हम जिक्र करेंगे की कैसे वायु प्रदूषण हमारे हृदय को नुकसान पहुंचता है एंव डॉक्टरों की इसमें क्या राय है. आइये जानते है – 

वायु प्रदूषण (Air Pollution) हृदय की अनेक प्रॉब्लम को न्योंता देता है

डॉक्टर के अनुसार वायु प्रदूषण के कारण हमारे शरीर में 2.5 माइक्रोन साइज़ के वायु में मौजूद होते है. यह कण इतने खतरनाक होते हैं की जब वायु के साथ हमारे साँसों से होकर हमारे शरीर में चले जाते हैं. डॉक्टर कहते हैं की हमारे शरीर में मौजूद फिल्टर भी इन्हें फिल्टर करने में अक्षम है. यह कण हमारे शरीर में जाने के बाद जमा हो जाते है और ब्लोकेज बन जाते हैं. इनकी वजह से खून का प्रवाह सही से नहीं हो पाता है और हृदय रुकने की कंडिशन एंव हृदय से जुड़ी एंजाइना, हार्ट अटैक, अचानक कार्डियक अरेस्ट, आर्टियल फिब्रिलेशन एंव हार्ट अटैक जैसी बीमारियाँ होने का खतरा बढ़ जाता है. डॉक्टर कहते हैं की यह प्रदूषित कण उन लोगों को अपना टारगेट बनाते है जो शारीरिक रूप से कमजोर होते हैं. 

शहरो में हार्ट अटैक का मुख्य कारण है वायु प्रदूषण (Air Pollution is the main reason of heart attack)

डॉक्टर कहते हैं की एक शौध के अनुसार जिन लोगों का शहरो में घर सड़क से 800 मीटर दूर है उन लोगों के घरों में हार्ट अटैक होने के 15 फीसदी चांस होते है. वही अगर किसी का घर 1 किलोमीटर दूर है उनके घर में भी हार्ट अटैक होने के चांस 11 प्रतिशत है. वायु प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण वाहनों से निकलने वाला धुंआ है. इसकी वजह से सड़क के नजदीक रहने वाले लोग हार्ट अटैक के सबसे ज्यादा शिकार होते हैं. दिल्ली के हार्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर का कहना है की हमने एक सर्वे में पाया की पिछले साल उन लोगों को सबसे ज्यादा हार्ट अटैक आया है जो वायु प्रदूषण के सबसे ज्यादा संपर्क में आये थे.  इनमे वह लोग भी मौजूद थे जो सुबह-सुबह टहलने जाते थे. 

(Air pollution remedies)

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वायु प्रदूषण के संपर्क में आते ही शरीर देता है संकेत 

वैसे तो शरीर में होने वाली हर हलचल का हमें पता चल जाता है पर अगर हम वायु प्रदूषण के संपर्क में आते है तो हमारा शरीर इस तरह के संकेत हमें देता है.

  • वायु प्रदूषण के संपर्क में आते ही सबसे पहले हमें खांसी से पता चल सकता है. अगर खांसी के साथ काले रंग का बलगम आता है तो समझ सकते हैं की आस-पास बहुत ज्यादा वायु प्रदूषण है. 
  • श्वास लेने में तकलीफ होने लगती हैं, अगर किसी को अस्थमा की प्रॉब्लम है तो वह वायु प्रदूषण के संपर्क में आते ही श्वास में तकलीफ महसूस करने लग जाएगा. 
  • सीने में दर्द होने लगता है और श्वास के साथ हार्ट में टीश सी महसूस होने लगती है. 
  • आँखों में जलन होने लगती है, वायु प्रदूषण की वजह से आँखों में पानी आना एंव जलन होना आम बात है.  

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डॉक्टर के अनुसार आप इन तरीको से वायु प्रदूषण से बच सकते हैं 

डॉक्टर का कहना है की इंसान वायु प्रदूषण के संपर्क में दो तरह से आता है. एक तो घर के अंदर और दूसरा घर के बाहर और अगर इन दोनों जगहों पर मानव इन बातो का ख्याल रखता है तो वह वायु प्रदूषण से बच सकता है. आइये जानते हैं की डॉक्टर ने वायु प्रदूषण से बचने के क्या उपाय बताये हैं – 

  • आप घर में पिस लिली, गुलदाउदी, गोल्डन पोथोस , और इंग्लिश आइवी जैस पौधे जरुर लगायें. यह आपके घर में आने वाली हवा को फिल्टर करने का काम करेगें. 
  • अगर आपका ऑफिस घर से बहुत ज्यादा दूर है तो आप अपनी गाड़ी ना लेजाकर कैब का इस्तेमाल कर सकते हैं. इससे आप प्रदूषण फ़ैलाने से भी बचोगे एंव कार में होने से आप वायु प्रदूषण से भी बचोगे. क्योंकि गाड़ी पूरी तरह से बंद होती है एंव बहुत कम बाहर की हवा अंदर जाती है. दिल्ली जैसे शहरों में इस तरह से प्रदूषण कम करने की एक कोशिश भी की जा सकती है. 
  • अगर आपको लगे की वायु बहुत ज्यादा प्रदूषित हो चुकी है या है तो आप भूलकर भी घर से बाहर कसरत, योग एंव टहलने ना जाएँ. क्योंकि इस वक्त हम श्वास बहुत तेजी से लेते हैं और प्रदूषित कण हमारे शरीर में प्रवेश कर सकते हैं. 
  • प्रयोज्य मुखोटा का उपयोग जरुर करें. 
  • हर रोज अपने शहर का प्रदूषण स्तर जरुर चैक करें, यह आप इंटरनेट पर भी देख पायेंगे. इसकी मदद से आप अपने शरीर का अच्छे से ख्याल रख पायेंगे एंव वायु प्रदूषण से बचने के उपायों को लागू कर पायेंगे. 

आपको हमारा यह आर्टिकल कैसा लगा हमें जरुर बताएं. एंव अपने शहर अपने कस्बे एंव अपने घर को वायु प्रदूषण से बचाने की कोशिश करें. हो सके तो प्रदूषण को बढ़ावा ना देंवे.

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