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नीम (Neem) क्या है ? नीम के फायदे और नुकसान

नीम के फायदे और नुकसान
Written by lajawabhindi.com

दोस्तों, जब कभी भी हम बीमार पड़ते हैं तो हम सबसे पहले डॉक्टर की ओर भागते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि पहले जमाने के लोग डॉक्टर के पास जाने की बजाय आयुर्वेदिक नुस्खों का उपयोग किया करते थे जिससे की बीमारियों को दूर किया जाता था. ऐसे बहुत से पेड़ और पौधे हैं जिनसे औषधि तैयार की जाती थी और बीमारियों को दूर किया जाता था. इतना ही नहीं आज भी आयुर्वेद में बहुत सी ऐसी औषधियां उपलब्ध हैं. जो पौधे आज भी बीमारियों के उपचार के लिए उपयोग होते हैं उनमें तुलसी, पीपल, नीम आदि शामिल है!

दोस्तों, यहां हम आपको बताने जा रहे हैं नीम के पेड़ के बारे में. आपने सुना होगा कि नीम के अंदर कुछ ऐसी अद्भुत शक्तियां पाई जाती है जो कि शरीर में से रोगों का नाश करती हैं. लेकिन जैसे हर एक सिक्के के दो पहलू होते हैं उसी प्रकार जो चीज हमें फायदा पहुंचा रही है उसके कुछ ना कुछ नुकसान भी जरूर होते हैं. इसलिए बहुत जरूरी है कि हम किसी भी पदार्थ का सेवन करने से पहले उसके फायदे और नुकसान के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त कर लें. इसी बात का ध्यान रखते हुए यहां हम आपको नीम के कुछ फायदे और नुकसान के बारे में बताने जा रहे हैं. तो आइए शुरू करते हैं नीम से होने वाले फायदे और नुकसान से जुड़ी जानकारी:

नीम क्या होता है ?

वर्षों से नीम को एक औषधि के तरह से इस्तेमाल किया जा रहा है. Neem एक वृक्ष है जिसके असीम फायदे हैं. आज भी गांव और देहात के इलाकों में नीम के पेड़ आपको मिल जाएंगे. Neem के पेड़ की सिर्फ पत्तियां ही लाभदायक नहीं होती बल्कि नीम के पेड़ की छाल इसके फूल और इसके बीज की गुठली और इसके तेल का भी उपयोग काफी बीमारियों को दूर करने में किया जाता है. नीम के अंदर एंटी ऑक्सीडेंट गुण पाया जाता है जिससे बीमारियों से लड़ने में मदद मिलती है. Neem का सबसे ज्यादा प्रयोग इनफेक्शन से लड़ने के लिए किया जाता है चाहे वह वजह से संबंधित हो या मलेरिया हो या फिर एग्जिमा जैसी कोई बीमारी हो. नीम को बहुत सारे तरीकों से उपयोग में लाया जा सकता है.

नीम से होने वाले फायदे:

इसके पत्तों की मदद से आप बालों के डैंड्रफ को कम कर सकते हैं तथा उसे दूर भी कर सकते हैं. नीम के अंदर एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं जो कि आपके बालों की जड़ों में से डैंड्रफ को खत्म करने में बहुत उपयोगी होते हैं. यह सिर्फ बालों में से डैंड्रफ को खत्म नहीं करते बल्कि उन्हें मजबूत और खूबसूरत भी बनाते हैं. अगर आपको बाल टूटने की समस्या है तो आप उसमें भी नीम का प्रयोग कर सकते हैं.
*Neem के प्रयोग से गंजेपन की समस्या भी दूर की जा सकती है.
कील मुहांसों को दूर करने में मदद करता है नीम :
*दोस्तों अगर आप अपनी त्वचा पर किसी भी प्रकार की बीमारी जैसे कि मुंहासे दाग धब्बे आदि से परेशान हैं तो भी आप नीम का प्रयोग कर सकते हैं! जैसा कि हमने आपको बताया कि नीम के अंदर ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो त्वचा से दाग-धब्बे और इन्फेक्शन दूर करने में काफी मदद करते हैं. इतना ही नहीं नीम के अंदर पाए जाने वाले फैटी एसिड्स और विटामिन ई आपकी त्वचा से बढ़ती उम्र के असर को कम करती है और आपको तरोताजा महसूस करने में भी मदद करती है.
कैंसर से बचाने में भी मदद करता है नीम:
Neem के पत्तों में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो कि कैंसर का इलाज करने में भी बहुत उपयोग कारी और लाभकारी होते हैं. इसके अंदर मिलने वाले तत्वों में विटामिन सी, बीटा कैरोटीन क्विर्सेटिन, अजादिरातिन, अजादीरोन, डॉक्सोनबिंबाईइड, काइमफरोल भी शामिल है. इन तत्वों के उपयोग से कैंसर जैसी बीमारियों को ठीक किया जाता है.
*अल्सर को ठीक करने में भी प्रयोग होता है Neem:
आजकल लोगों का खान-पान इतना खराब हो गया है की अल्सर जैसी बीमारियां एकदम से जकड़ लेती है. इन बीमारियों से निजात पाने में भी नियम बहुत मदद करता है. इसके अंदर गैस्ट्रोप्रोटेक्टेव और एंटीयूलेटर गुण पाए जाते हैं जो अल्सर से लड़ने में मदद करते हैं.
जहां एक और नीम के अनेकों फायदे हैं उन्हीं के साथ साथ अनेकों नुकसान भी हैं. जैसे हर एक सिक्के के दो पहलू होते हैं इसी प्रकार हर एक तत्व के फायदे और नुकसान भी होते हैं. अभी आपने जाना नीम के फायदे, चलिए अब बात करते हैं नीम से होने वाले नुकसान के बारे में.

Neem के नुकसान:

अगर आप गर्भवती हैं या गर्भावस्था के लिए कोशिश कर रही हैं तो आपको नीम का प्रयोग बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए. प्रतिरक्षा प्रणाली अत्यधिक नीम के संपर्क में अति सक्रिय हो जाती है. इसकी वजह से स्त्री का शरीर भ्रूण को स्वीकार नहीं कर पाता और यदि स्त्री गर्भवती है तो भ्रूण को बाहर निकाल देता है.
*छोटे बच्चों को सदैव नीम से दूर रखना चाहिए. नीम का सेवन करने से छोटे बच्चों में किडनी और लीवर की बीमारियां हो सकती हैं.
ज्यादातर डायबिटीज के मरीजों को यह सलाह दी जाती है कि वह अपने ब्लड शुगर को नियंत्रण में करने के लिए नीम के तेल का प्रयोग करें लेकिन अगर इस तेल का प्रयोग एक मात्रा से अधिक किया जाए तो इससे मरीज के शरीर में सुन्नता का अनुभव होने लगता है. इसके कारण मरीज कोमा में भी जा सकता है.
Neem (नीम) का अधिक सेवन करने से कई बार पेट में जलन और दर्द भी होने लगता है! इसका सेवन करने से पहले बहुत जरूरी है कि हम यह ध्यान रखें कि इसकी मात्रा कितनी होनी चाहिए.
नीम के अंदर कुछ एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं जिनको यदि अधिक मात्रा में लिया जाए तो किडनी और लीवर पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है!

तो दोस्तों यह थे Neem से होने वाले फायदे और नुकसान के बारे में जानकारी. यदि आप हमारी भी हुई जानकारी से संतुष्ट हैं और हमारे साथ अपनी राय साझा करना चाहते हैं तो नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी बात जरूर लिखें. इसी प्रकार के और आर्टिकल्स पढ़ने के लिए हमारी वेबसाइट पर विजिट करते रहे. धन्यवाद.

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